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Latest Current Affairs 25th November, 2020

 

Current Affairs 25th November 2020

आसाम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का निधन


तीन बार के असम के मुख्यमंत्री रह चुके तरुण गोगोई का कोरोनावायरस से 86 साल की उम्र में निधन हुआ है।
इंदिरा गांधी से नरसिंह राव के समय में केंद्रीय की राजनीति में वह कार्यरत थे।
असम के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके तरुण गोगोई का सोमवार को कोरोनावायरस के काऱण निधन हुआ है। उनकी उम्र 86 वर्ष की थी। कोरोना के कारण तरुण गोगोई गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में दाखिल हुए थे। तरुण गोगोई को प्लाज्मा थेरेपी भी दी गई थी। पर कोविड-19 कॉम्प्लिकेशन के कारण उनका निधन हुआ। 50 साल से ज्यादा समय तक राज किया जीवन के दरमियान तरुण गोगोई 6 बार सांसद बने थे, और दो बार केंद्रीय मंत्री भी बने थे।
उनके निधन के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी श्रद्धांजलि दी।
तरुण गोगोई के पुत्र गौरव गोगोई भी सांसद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तरुण गोगोई के निधन पर शोक व्यक्त किया है।
तरुण गोगोई का जन्म 1 अप्रैल 1934 के दिन हुआ था। वह साल 2001 से साल 2016 तक असम के मुख्यमंत्री रहे थे। गोगोई ने कांग्रेस में सतत 3 विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। सबसे लंबे समय तक असम के मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड तरुण गोगोई के नाम है।
तरुण गोगोई इंदिरा गांधी के समय में साल 1971 में प्रथम बार लोकसभा सांसद बने थे। राजीव गांधी के समय में वह साल 1985 से 1990 तक कांग्रेस के महासचिव रहे थे। पी वी नरसिंह राव के समय में 1991 से 1996 तक खाद्य और खाद्य टेक्नोलॉजी मंत्रालय में राज्य मंत्री रहे थे।
तरुण गोगोई 6 बार लोकसभा के लिए चुनाव जीते थे। वह साल 1971 से सन 1985 तक तीन बार सांसद रहे थे। उसके बाद 1991 से 1996 और 1998 से 2002 तक सांसद रहे थे। अभी उनकी सीट पर उनके पुत्र गौरव गोगोई सांसद है।
 असम के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी


देश- भारत
राज्य- 26 जनवरी,1950
राजधानी-दिसपुर
सबसे बड़ा शहर- गुवाहाटी
जिले-33
गवर्नर- जगदीश मुखी
मुख्यमंत्री- सर्बानंद सोनोवाल
न्यायालय- गुवाहाटी उच्च न्यायालय
राजकीय नृत्य- बिहू नृत्य
राजकीय सस्तन प्राणी- एक सींग वाला गैंडा
राजकीय पक्षी- सफेद पंखों वाला लकड़ी का बत्तख
राजकीय फूल- रैनोकॉस्टिलिस रेटुसा
राजकीय पेड़- दिप्तरोकार्पस मैक्रोकार्पस
राजकीय पीना- असम की चाय
राजकीय नदी- ब्रह्मपुत्र
राजकीय पोशाक- सूरिया पंजाबी और गमोसा(पुरूष के लिए), मेखला चदर(महिलाओ के लिए)

मलेशिया ने APEC समिट का  आयोजन किया
एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग हाल ही में मलेशिया द्वारा आयोजित किया गया था। सहयोग के कई नेता शिखर सम्मेलन में शामिल हुए। इस शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भाग लिया। अगले APEC बैठक की मेजबानी न्यूजीलैंड द्वारा की जानी है। इससे पहले 17 नवंबर 2020 को एशिया पैसिफिक इकोनॉमिक को ऑपरेशन के सदस्यों ने मंत्री स्तरीय बैठक की। इसके बाद सदस्यों ने मुक्त और खुले व्यापार और निवेश के लिए प्रतिबद्ध किया।
शिखर सम्मेलन के दौरान APEC  पुत्रजया विजन 2040 को अपनाया गया था। यह दूजा 40 सदस्य प्रसन्न समुदाय को शांत और खुला, लचीला रहने वाला बनाता है। इस शिखर सम्मेलन में 2020 के बाद के विजन के साथ 1994 के बोगर लक्ष्यों को भी बदल दिया गया था। अर्थव्यवस्था को व्यापार और निवेश मजबूत,संतुलन सुरक्षित स्थाई और समावेशी विकास, नवाचार औरडिजिटलाइजेशन जैसे तीन आर्थिक ड्राइवरों के माध्यम से 2020 के बाद के दृष्टिकोण को प्राप्त करना है।
2018 से शिखर सम्मेलन का संचालन करने के लिए APEC  को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। 2018 में चिली ने हिंसक विरोध प्रदर्शनों के कारण शिखर सम्मेलन को रद्द कर दिया था। बाद में 2018 में पापुआ न्यू गिनी शिखर सम्मेलन में संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध के कारण एपीईसी अर्थव्यवस्था  एक संयुक्त बयान में आने में विफल रही।
समूह के सदस्य ऑस्ट्रेलिया, ब्रुनेई, कनाडा,चीन, हांगकांग,चिल्ली, जापान, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, मेक्सिको, पेरू,न्यूज़ीलैंड, पापुआ न्यू गिनी फिलिपिंस, रूस, थाईलैंड, सिंगापुर, ताइवान, यूनाइटेड स्टेट्स है।
भारत ने समूह में सदस्यता के लिए अनुरोध किया था। हालांकि समूह के सदस्यों ने भारत को अनुमति नहीं देने का फैसला किया था क्योंकि देश प्रशांत महासागर की सीमा नहीं रखता है। एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग में मुख्य रूप से वे देश शामिल हैं जो प्रशांत महासागर की सीमा पर है। दूसरी तरफ भारत ने संयुक्त राज्य अमेरिका, पापुआ न्यू गिनी पर जापान और ऑस्ट्रेलिया समूह के पूर्णकालिक सदस्य बनने के लिए समर्थन प्राप्त किया है। भारत वर्तमान में समूहीकरण  का पर्यवेक्षक है। इंडो पेसिफिक को पढ़ने एशिया पेसिफिक कहा जाता था।
 मलेशिया के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी

राजधानी- कुआलालंपुर
सबसे बड़ा शहर- कुआलालंपुर
राष्ट्रीय भाषा- मलय
सरकार- संघीय संसदीय संविधानिक वैकल्पिक राजतंत्र
प्रधानमंत्री- मुहिदीन यासीन
विधानसभा- संसद
मुद्रा- रिंगित

स्वदेशी जीपीएस सिस्टम IRNSS  को वैश्विक मान्यता, भारत दुनिया का चौथा देश बना


इंडियन रीजनल नेवीगेशन सेटेलाइट सिस्टम इसरो ने यह सिद्धि प्राप्त की
इंटरनेशनल मैरिटाइम ऑर्गेनाइजेशन ने स्वीकृति देने के लिए आईआरएनएसएस का उपयोग हिंद महासागर में होगा।
भारत में तैयार हुई स्वदेशी दिशा शोधन प्रणाली इंडियन रीजनल नेवीगेशन सैटलाइट सिस्टम(IRNSS) ने अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त की है। आईआरएनएसएस भारत की जीपीएस सिस्टम है।जैसे अमेरिका की लोकल पोजिशनिंग सिस्टम का उपयोगिता और स्थल ढूंढने के लिए होता है। वैसे ही आईआरएनएसएस नेविगेशन के लिए उपयोगी है। इसरो ने भ्रमण कक्षा में उपग्रहों का ग्रुप इकट्ठा करके यह सुविधा विकसित की है। ऐसी नेवीगेशन सिस्टम धराने वाला भारत दुनिया का चौथा देश है।
इंटरनेशनल मैरिटाइम ऑर्गेनाइजेशन ने भारत की है सिस्टम को स्वीकृति देते हुए आईआरएनएसएस का उपयोग अब हिंद महासागर में भारत की भूमि से 1500 किलोमीटर तक के विस्तार में नेविगेशन के लिए होगा।
जीपीएस यह वैश्विक सिस्टम है जिसमें 31 उपग्रहों का उपयोग हुआ है। भारत ने अभी तक भारत और भारत के समुद्री विस्तार तक नेविगेशन सिस्टम विक्साई जिसमें 7 उपग्रहों का समावेश  हुआ है।
समुद्र में से पसार होते व्यापारी जहाजों को नेविगेशन सिस्टम का उपयोग करना जरूरी है। पर अभी तक उनके पास जीपीएस और चीन और यूरोप की सिस्टम जैसे मर्यादित विकल्प थे।
अब भारत की है थोड़ी सी सिस्टम को अंतरराष्ट्रीय मंजूरी मिलने के बाद हिंद महासागर में से पसार होने वाले जहाज उसका उपयोग कर सकेंगे। किसी भी समय पर हिंद महासागर में बड़े कद के 2500 जैसे व्यापारी जहाज आते हैं। यह जहाजों को यह सिस्टम ज्यादा उपयोगी होगी। आईएमओ की ताजेतर में मिली बैठक में मैरिटाइम सेफ्टी कमिटी ने भारत की यह सुविधा को मंजूरी दी है।
अभी तक भारत ने समुद्र में दिशा ढूंढने के लिए जीपीएस जैसी परदेशी सिस्टम का आधार रखना पड़ता था। स्वदेशी सिस्टम तैयार होने के बाद कोई चिंता नहीं है। खास करके नौका दल के जहाज का स्थान गुप्त रखना पड़ता है तब उसमें भारत की नेवीगेशन सिस्टम उसमें ज्यादा काम करेगी। भारत की भूमि से 15 किलोमीटर तक समुद्र को रखा गया है और उसमें अलग-अलग जगह पर सात उपग्रहों कार्य कर रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने UMANG एप्लीकेशन का अंतर राष्ट्रीय संस्करण लोंच किया


23 नवंबर 2020 को केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद ने UMANG एप्लीकेशन अंतर राष्ट्रीय संस्करण लॉन्च किया। UMANG नए युग की शासन के लिए यूनिफाइड मोबाइल एप्लीकेशन है। इसे यूके, यूएसए, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, नीदरलैंड, यूएई,सिंगापुर और न्यूजीलैंड में लांच किया गया था। अंतर्राष्ट्रीय संस्करण को UMANG के 3 साल पूरे होने पर लॉन्च  किया गया था। इसे विदेश मंत्रालय के सहयोग से लॉन्च किया गया था।
आवेदन अपनी सेवाओ के माध्यम से भारतीय संस्कृति को दुनिया में ले जाने में मदद करेगा। इसके अलावा कॉमन सर्विस सेंटर को एप्लीकेशन के साथ एकीकृत किया जा रहा है।
आवेदन मुख्य रूप से कई सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने में मदद करता है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डिजिटल इंडिया पहल के तहत आवेदन लॉन्च किया गया था। यह आधार और डिजी लॉकर जैसी सेवाओं का एकीकरण प्रदान करता है। आवेदन का उपयोग कई सरकारी सेवाओं जैसे कि रोजगार भविष्य निधि संगठन की सेवाओं, आयकर दाखिल करने,पेंशन, ई-भूमि रिकॉर्ड, एपथशला,फसल बीमा आदि के लिए भी किया जा सकता है।
UMANG  आवेदन में आईएमडी सेवाएं है। यह सुविधा शहरों के मौसम पूर्वानुमान को पहले से जांचने मदद करेगी। आवेदन बारिश की जानकारी, चक्रवात,चेतावनी,सूर्योदय, आद्रता, सूर्यास्त आदि जैसे सात मौसम सेवाओं का पूर्वानुमान प्रदान करता है। इससे किसानों को मौसम की स्थिति के बारे में समय पर अपडेट प्राप्त करने में मदद मिलती है।
पिछले 3 वर्षों में आवेदन में 2039 सेवाएं प्रदान की गई है। इसमें केंद्रीय विभागों से 373, उपयोगिता बिल भुगतान की 1179 सेवाएं और राज्य विभागों से 487 शामिल है। आवेदन के 2.5 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता है। साथ ही एप्लीकेशन ने 3.7 करोड से अधिक डाउनलोड को पार कर लिया है।
यह ध्यान  दिया जाना है कि मार्च 2020 में, आवेदन में केवल 643 सेवाएं थी। वर्तमान में 2000 से अधिक सेवाएं है। इस प्रकार एप्लीकेशन की पहुंच बड़े पैमाने पर डिजिटल ई-सरकारी सेवाओं की वृद्धि और उनकी सफलता का संकेत दे रही है।
चीन ने चंद्र के नमूने को इक्कठे करने के लिए चन्द्र पर  अन्तरिक्ष यान लॉन्च किया

 चांग-5 चीन के एयरोस्पेस इतिहास में सबसे चुनौतीपूर्ण और जटिल मिशन में से एक है साथ ही, 40 से अधिक वर्षों में दुनिया का पहला चंद्र नमूना मिशन है।
चीन ने  नमूनों को इकट्ठा करने और उन्हें पृथ्वी पर वापस लाने के लिए 24 नवंबर 2020 को चंद्र पर एक मानवरहित अंतरिक्ष यान सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। अंतरिक्ष यान को लोंग मार्च-5 राकेट द्वारा सुबह 4:30 बजे लॉन्च किया गया है।
चंद्र की प्राचीन चीनी देवी के नाम पर चांग-5 जांच चीन द्वारा दक्षिणी प्रांत हैनान में वेनचांग अंतरिक्ष यान लॉन्च साइट से शुरू की गई है। यह चंद्र से सामग्री एकत्रित करने पर खोज करेगा। यह वैज्ञानिकों को इसकी उत्पत्ति और सतह के बारे में अधिक समझने में भी मदद करेगा।
यदि चीन अपने मिशन में सफल हो जाता है तो वह दशकों पहले सोवियत संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद चंद्र के नमूनों को प्राप्त करने वाला तीसरा देश बन जाएगा। मिशन अंतरिक्ष से नमूने प्राप्त करने के लिए चिन की क्षमता का परीक्षण भी करेगा।
1970 के दशक के बाद से पृथ्वी के प्राकृतिक उपग्रह किसे नमूने प्राप्त करने के लिए दुनिया के किसी भी देश द्वारा पहला प्रयास होगा। जिन 2030 तक मंगल से नमूने प्राप्त करने की योजना भी बना रहा है। जुलाई 2020 में चीन ने मंगल पर मानव रहित जांच भी शुरू की थी। यह किसी अन्य ग्रह पर अपना पहला स्वतंत्र मिशन था।
 चांग-5 के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी
चांग-5 जिनके एयरोस्पेस इतिहास में सबसे चुनौतीपूर्ण और जतिन मिशन में से एक है साथ ही 40 से अधिक वर्षों में दुनिया का पहला चंद्र नमूना मिशन है।
चंद्रपुर चिंता मानवरहित अंतरिक्ष यान जो आने वाले दिनों में लॉन्च होने वाला है, एक बड़ी लावा मैदान में पिछले असिंचित क्षेत्रों में 2 किलो नमूने को इकट्ठा करने का प्रयास करेगा, जिसे ओशनस प्रोसेलरम या महासागर के रूप में जाना जाता है।
 एक बार जब अंतरिक्ष यान चंद्र की कक्षा में होगा तो यह सतह पर वाहनों की 1 जोड़ी को तैनात करने का लक्ष्य रखेगा। इसके तहत एक लेंडर जमीन में ड्रिल करेगा फिर अपने रॉक सैंपल और ऑयल को एक्सटेंडर को ट्रांसफर करेगा जो कि ऊपर उठाएगा और फिर एक ऑर्बिटर मॉड्यूल के साथ डॉक करेगा।
यदि प्रक्रिया सफल होती है तो चंद्र नमूनों को रिटर्न कैप्सूल में स्थानांतरित कर दिया जाएगा जो बाद में उन्हें पृथ्वी पर लौटा देगा।
चीन का चांग-5 मिशन सवालों के जवाब खोजने में मदद करता है जैसे कि चंद्र कब तक अपने आंशिक रूप से ज्वालामुखी रूप से सक्रिय रहा और उसने अपने चुंबकीय क्षेत्र सूर्य के विकिरण से किसी भी जीवन की रक्षा करने की कुंजी विसर्जित कर दी।
ब्राउन यूनिवर्सिटी के ग्रह वैज्ञानिक जेम्स हेड के अनुसार अपोलो लूना चंद्र का नमूना क्षेत्र है, जबकि समझ के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र में किया गया था जो अब तक आधे से भी कम है।
उन्होंने जारी रखा कि कक्षीय सुदूर संवेदी मिशन के गीता ने अपने अपोलो लूना के नमूने संग्रह में प्रतिनिधित्व किए गए खनिजों, रोक प्रकारों और युगों की व्यापक विविधता को दिखाया गया।
चंद्र वैज्ञानिक रोबोट की रोक सिंपल रिटर्न मिशन को चंद्र के कई अलग-अलग महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बढ़ावा दे रहे हैं ताकि पहले के अन्वेषण से बने बुनियादी सवालों के एक मेजबान को संबंधित किया जा सके।
2013 में चीन ने अपनी पहली चंद्र लैंडिंग की थी और जनवरी 2019 में चीन की चांग-4 जानने चंद्र की दूर तक स्पर्श किया था जो किसी भी देश की अंतरिक्ष डांस द्वारा पहला था।
चीन अगले दशक के पिता दक्षिण पूर्वी क्षेत्र में एक मानवरहित अन्वेषण के लिए एक रोबोट बेस स्टेशन स्थापित करने की योजना बना रहा है। इसे 2020 के माध्यम से चांग-6,7,8 मिशन के माध्यम से विकसित किया जाना है और मानव युक्त लैंडिंग के आगे 2030 के माध्यम से विस्तारित किया जाएगा।
 चीन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी


राजधानी- बीजिंग
सबसे बड़ा शहर- शंघाई
आधिकारिक भाषा- मानक चीनी
धर्म- राज्य नास्तिकता
सरकार- एकात्मक मार्क्सवादी लेनिन वादी एक पार्टी समाजवादी गणराज्य
राष्ट्रपति- सी जिनपिंग
प्रीमियर- ली केकीयांग
कोंग्रेस अध्यक्ष- ली जानशु


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