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Latest Current Affairs 30th November, 2020

 

Current Affairs 30th November, 2020

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की मन की बात

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके रेडियो कार्यक्रम मन की बात में कहा कि भारत में खेती और उनके साथ जुड़ी हुई चीज़ो के साथ नई आयात जूड रही है। पिछले दिनों में हुए कृषि सुधारों में किसान के लिए नई संभावना के द्वार खुले हैं। सालों से किसानों की जो मांग थी वह मांग को पूरी करने में हमें राजकीय पक्ष और उनका जो वादा है वह मांग पूरी हुई है। कई विचार विमर्श के बाद संसद में कृषि सुधार को कानूनी रूप दिया है। यह आखिर किसान ही नहीं बल्कि  उनको नए अधिकार और अवसर भी मिले हैं। दूसरी तरफ कृषि बिल्कुल परत लेने की मांग के साथ पिछले 4 दिनों से पंजाब और हरियाणा के किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली की सरहद पर पंडाल रखा है। उनका कहना है कि यह बिल से कंपनियों को लाभ होगा और किसानों को नुकसान होगा।
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संबोधन की मुख्य बातें
उसी का अभ्यास कर रहे युवा अपनी आसपास के किसानों को उनके साथ जुड़ी हुई बातें समजाए। इससे किसानों को फायदा होगा लगभग 1 साल पहले उन्हें कोरोनावायरस  के बारे में समज  हुई थी। चीन की चर्चा होने लगी है परंतु बेदरकारी जोखिम है।
कोरोना कालके बावजूद हमने हेरिटेज सप्ताह की खुशिया होते देखी। दिल्ली में हमारे संग्रहालय में कई प्रशंसनीय प्रयास करने में आए हैं। अब हम घर पर बैठ कर उसे देख रहे हैं। हालही में एक रसप्रद फेक्ट पढ़ा। नॉर्वे के स्वालबर्ड द्विप में बहुमूल्य गीता को ऐसे रखने में आया है कि उस पर मानवीय आपदाओं का प्रभाव न पड़े।
अजंता की गुफाओं की पेइंटिंग्स को सजाने का काम चल रहा है। प्रकृति को देखने की नजर में बदलाव आया है। यह इंटर चेरी से फूल है। शिलॉन्ग की तस्वीरे है। डॉ. सलीम अली की 125 वी  जन्म जयंती को मनाने में आ रहा है। उन्होने पक्षियों के लिए बहुत काम किया है।भारतमे के बर्ड वॉचिंग संस्थाए सक्रिय है।
पिछले दिनों में मुझे भी पक्षियों के बीच समय पसार करने की तक मिली थी। कई लोग पक्षियों की खोज में भारत आए और यहां के होकर रह गए। जिसमें जोनस है, जो ब्राजील में लोगों को उपनिषद पढ़ाते हैं। स्टॉक से लेकर स्प्रिच्युअलिटी तक उनकी यात्रा सफल रही। वह 4 साल तमिलनाडु के गुरुकुल में रहे। वह उनके मैसेज को आगे पहुंचाने के लिए टेक्नोलॉजी का प्रयोग करते हैं। 1.5 लाख विद्यार्थियों को पढ़ा चुके हैं।
हाल ही में एक समाचार में आप सभी को खबर होगी न्यूजीलैंड के एक सांसद गौरव शर्मा ने दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा में से एक संस्कृत में शपथ ली थी। हम प्रार्थना करते हैं कि वह नई सिद्धियां हांसिल करेंगे। कल हम गुरु नानक देव जी के 551 वे प्रकाश  दिन को मनाएंगे। समग्र दुनिया में उनका संदेश सुनने को  मिलता है। वह कहते थे कि सेवक का काम सेवा करने का है।
पिछले सालों में सेवा करने की गई तक मिली और गुरु नानक जी ने हमारी तरफ से कई सेवाएं ली। गुरु नानक जी की कृपा हुई कि उन्होंने मुझे सेवा के लिए नजदीक से जोड़ा। कच्छ के लखपत गुरुद्वारा की मरम्मत करने में आई। यूनेस्को ने उसकी प्रशंसा की, उससे गुरुद्वार में असीम शांति मिलती है।
पिछले दिनों में कई यूनिवर्सिटीज़  की एजुकेशन एक्टिविटी से जुड़ने की तक मिली। विश्वविद्यालय मिनी इंडिया की तरह होते हैं। वहां भव्यता के साथ न्यू इंडिया भी देखने मिलता है। एक बात जानने में मेरी हमेशा रुचि रही है कि किसी संस्था के एल्युमीनाई कौन है? साला में से निकलने के बाद दो चीजें कभी खत्म नहीं होती, साला कॉलेज का प्रभाव और उस संस्था के प्रति हमारी लागनी।
इससे उस बात का जन्म होता है कि हमें हमारी संस्था के लिए कुछ करना चाहिए।

भारत अमेरिका परमाणु ऊर्जा पर सहयोग के लिए एमओयू किया
भारत और अमेरिका ने भारत अमेरिका नागरिक परमाणु ऊर्जा समझौते को अगले 10 वर्षों के लिए बढ़ा दिया है। समझौते को 123 समझौता भी कहा जाता है। भारत की समझौते के आधार पर संयुक्त राज्य अमेरिका से परमाणु सामग्री खरीदता है। संसद के विस्तार के लिए ग्लोबल सेंटर फॉर न्यूक्लियर एनर्जी पार्टनरशिप पर हस्ताक्षर किए गए थे।
यूएस इंडिया डील में 3 साल से ज्यादा का समय लगा क्योंकि इसमें कहीं जटिल चरणों से गुजरना था, जिसमें अमेरिकी कानूनों में संशोधन भी शामिल था। यह मुख्य रूप से था क्योंकि भारत परमाणु अप्रसार संधि का हस्ताक्षरकर्ता नहीं है। विश्व को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह का सदस्य बनने के लिए एनपीटी पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य है। इसके बावजूद एनएसजी ने भारत को छूट दी, असंख्य परमाणु तकनीक और दूसरों से इंधन की अनुमति दी।
भारत ने समझौते पर हस्ताक्षर किए क्योंकि भारत का मानना था कि यह परमाणु हथियार प्रौद्योगिकी में सबसे अच्छा था और भारत भी प्रौद्योगिकी में अपनी साख रखना चाहता था। साथ ही भारत को अपने परमाणु ऊर्जा संयंत्र को चलाने के लिए परमाणु सामग्री की आवश्यकता थी।
परमाणु अप्रसार संधि का मुख्य उद्देश्य परमाणु हथियारों और हथियारों की तकनीक के प्रसार को रोकना, परमाणु ऊर्जा के उपयोग में सहयोग बनाना और परमाणु निरस्त्रीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करना था। भारत परमाणु अप्रसार संधि का हस्ताक्षरकर्ता नहीं है। इससे देश के लिए परमाणु बंदर रखने वाले बाकी देशों से परमाणु हथियार, परमाणु तकनीक और परमाणु कच्चे माल प्राप्त करना मुश्किल हो गया।
भारत में 22 परमाणु ऊर्जा रिएक्टर है। वर्तमान में भारत में 3.22%  बिजली परमाणु ऊर्जा के माध्यम से उत्पन्न होती है।
भारत के पास दुनिया में यूरेनियम भंडार सीमित है। यह लगभग 54636 टन सुनिश्चित परमाणु संसाधन रखता है। न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के अनुसार भारत के परमाणु संसाधन लगभग 40 वर्षों तक केवल 10 गीगावॉट बिजली पैदा करने के लिए पर्याप्त है। इसलिए भारत के लिए विदेशों से परमाणु सामग्री आयात करना महत्वपूर्ण है।
 संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के बारे महत्वपूर्ण जानकारी

राजधानी- वॉशिंगटन डीसी
सबसे बड़ा शहर- न्यूयॉर्क शहर
राष्ट्रीय भाषा- अंग्रेजी
सरकार- संघीय राष्ट्रपति संवैधानिक गणराज्य
राष्ट्रपति- जो बाइडन
मुद्रा- संयुक्त राज्य अमेरिका डोलर

Gol ने भारत जलवायु परिवर्तन ज्ञान पोर्टल लॉन्च किया

केंद्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने हाल ही में भारत जलवायु परिवर्तन पोर्टल लॉन्च किया। यह पोस्टल जलवायु परिवर्तन के मुद्दे को दूर करने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में प्रमुख जानकारी रखेगा। यह सरकार के विभिन्न ने जलवायु फलों के बारे में जानकारी प्रदान करने वाले एकल बिंदु सूचना स्रोत के रूप में कार्य करेगा। लॉन्चिंग इवेंट के दौरान मंत्री ने कहा कि भारत ने 2020 से पहले की जलवायु कार्रवाई लक्ष्य को हासिल कर दिया है।
जलवायु विभिन्न मंत्रालय द्वारा दिए गए अनुकूलन और शमन क्रिया प्रदान करता है। इसमें इन कार्यों के कार्यान्वयन के बारे में अधतन जानकारी भी शामिल है। पुरुषों के 8 प्रमुख घटक भारत की जलवायु प्रोफाइल भारत के एनडीसी लक्ष्य, राष्ट्रीय नीति, फ्रेमवर्क, अनुकूलन कार्रवाई, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग रिपोर्ट और प्रकाशन शमन क्रियाएं ,अंतरराष्ट्रीय जलवायु वार्ता है।
भारत एकमात्र जी-20 देश है जो 2015 के पहले समझौतों को पूरा करने के लिए ट्रैक पर है। 2 सी का लक्ष्य 21 तक पूर्वजों की स्तर की तुलना में 2 डिग्री सेल्सियस के भीतर वैश्विक औसतन तापमान वृद्धि को बनाए रखना है। इससे पहले 2015 में हुए पेरिस समझौते कि 30 से 1.5 डिग्री सेल्सियस के रूप में सेट किया गया था। हालांकि भारत अभी तक पर नहीं है।
TERI( द एनर्जी एन्ड रिसोर्सेज इंस्टिट्यूट) के अनुसार 19 अन्य उभरती और अग्रणी अर्थव्यवस्था है अपने लक्ष्य को प्राप्त करने से बहुत दूर है। इसमें अमेरिका, चीन और यूरोपीय संघ शामिल है।
भारत के 3 राष्ट्रीय निर्धारित योगदान निम्नलिखित दर्शाए गए हैं।
2030 तक सफल घरेलू उत्पादन की उत्सर्जन तीव्रता को एक तिहाई तक कम करना।
गैर जीवाश्म ईंधन स्रोतों से बिजली की स्थापित क्षमता का 40% प्राप्त करने के लिए।
2030 तक बुक एयरव्रंक के लिए 2.5 बिलियन से 3 बिलियन टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर वनावरण प्राप्त करने के लिए।

न्यूजीलैंड सरकार द्वारा घोषित किया जाने वाला जलवायु आपातकाल
नितिन सरकार को जलवायु आपातकाल की घोषणा पर जल्द ही फैसला करना है। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री जैकिंडा अर्दर्न को जनहित संसद में एक प्रस्ताव पेश करना है। यदि पारित किया गया तो जलवायु परिवर्तन को नीति निर्माण के केंद्र में लाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम होगा। नवंबर 2019 में न्यूजीलैंड की संसद ने शुन्य कार्बन अधिनियम पारित किया। अधिनियम के अनुसार न्यूजीलैंड 2050 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन करता है।
ग्रीनपीस न्यूजीलैंड से न्यूजीलैंड सरकार से जलवायु परिवर्तन के कारण जलवायु आपातकाल घोषित करने और जलवायु परिवर्तन के कारण देश में अधिक चरम मौसम की घटनाओं का सामना करने वाले लोगों से आग्रह किया जा रहा है।
हाल ही में जापानी सांसदों ने जलवायु आपातकाल घोषित किया। जलवायु आपातकाल के तहत उन्होंने शुद्ध शून्य उत्सर्जन के लिए समय सारणी तैयार की है।
यदि जलवायु आपातकाल को न्यूजीलैंड में पारित किया जाता है तो यह फ्रांस, कनाडा और ब्रिटेन जैसे अन्य देशों में शामिल हो जाएगा, जिन्होंने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जिन देशों ने जलवायु आपातकाल पारित किया है वह पोर्तुगल, फ्रांस, कनाडा और ब्रिटेन है।
फ्रांसीसी सरकार जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए निम्नलिखित परिवर्तन को लागू करता है।
फ्रांस को 2021 तक सभी हीटिंग टेरेस पर प्रतिबंध लगा रहा है।
सोमी पिकार्डी और मोट वेंटोक्स में दो नए क्षेत्रीय राष्ट्रीय उद्यान बनाये जाने है।
फ्रांसीसी सरकार ने अपनी भूमि की सतह के 30% को विकसित होने से बचाने के लिए प्रतिबद्ध किया है।
यूपी सरकार ने 1990 के स्तर की तुलना में 2025 तक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को 50% कम करने के लिए प्रतिबंध किया है। इसने 2050 तक ग्रीन हाउस गैसों को 100% कम करने के लिए प्रतिबद्ध किया है।
जलवायु परिवर्तन को संभालने के लिए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए कनाडा सरकार के प्रभाव निम्नलिखित दिए गए हैं
उत्सर्जन को कम करने के लिए कनाडा सरकार ने मिथेन नियमों, अल्पकालिक जल वायु प्रदूषक विनियमन, स्वच्छ बिजली और तेल और गैस क्षेत्र के लिए अन्य नियम को अपनाया है।
नौकरियों के निर्माण, नवाचार का समर्थन करने, स्वच्छ विकास प्रदान करने और उर्जा भीड़ को कम करने के लिए एक कम कार्बन अर्थव्यवस्था निधि स्थापित की गई है।
ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए सगाई बढ़ाने में परियोजनाओं का समर्थन करने के लिए जलवायु कार्रवाई जागरूकता कोष की स्थापना की गई है।
न्यूज़ीलैंड के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी

राजधानी- वेलिंगटन
सबसे बड़ा शहर- ऑकलैंड
आधिकारिक भाषा- अंग्रेजी
सरकार- एकात्मक संसदीय संवैधानिक राजतंत्र
प्रिंस- एलिजाबेथ द्वितीय 
गवर्नर जनरल- पटसी रेड्डी
प्रधानमंत्री- जैकिंडा अर्दर्न
मुद्रा- न्यूजीलेंड डोलर

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