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Latest Current Affairs 11th December, 2020

 

Current Affairs 11th December, 2020

 10 दिसंबर : मानवाधिकार दिवस

असल मानवाधिकार दिवस 10 दिसंबर को मनाया जाता है। इसे अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस भी कहा जाता है। इस दिन को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को अपनाने के लिए चुना गया। मानवाधिकार के क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र का पुरस्कर मानवाधिकार दिवस पर प्रदान किया जाता है। इस वर्ष मानव अधिकार दिवस की थीम Recover Better - StandUp for Human Rights  के तहत मनाया गया।

मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा 10 दिसंबर 1948 को अपनाई गई थी। द्वितीय विश्व युद्ध के मित्र राष्ट्र को औपचारिक रूप से संयुक्त राष्ट्र के रूप में जाना जाता है, जिसमें 4 स्वतंत्रताये थी, जैसे धर्म की स्वतंत्रता, बोलने की स्वतंत्रता, इच्छा से मुक्ति और भय से मुक्ति। उन्होंने मौलिक मानव अधिकारों में विश्वास के आधार पर संयुक्त राष्ट्र का चार्टर बनाया। इसलिए मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा महत्वपूर्ण है और ऐसा ही मानव अधिकार दिवस है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यहां संयुक्त राष्ट्र के ठिकाने में से एक है।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद यहां एक संयुक्त राष्ट्र ने का है जो मानव अधिकारों की रक्षा करता है और बढ़ावा देता है। यहां संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकार के उल्लंघन के आरोपों की जांच करता है। परिषद में 47 सीटें हैं। प्रत्येक सीट का कार्यकाल 3 साल है। परिषद का कोई भी सदस्य और लगातार दो कार्यकाल से अधिक सीट पर कब्जा नहीं कर सकता है।

यह दुनिया भर में मानव के लिए वास्तविक अधिकारों को प्राप्त करने के लिए मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दुनिया भर में लोगों की सामाजिक सांस्कृतिक और भौतिक भलाई में सुधार करना है।

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस निम्नलिखित कारणों से मनाया जाता है।

दुनिया में लोगों के बीच मानव अधिकारों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रयास में सुधार।

मानव अधिकारों के महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत और चर्चा करने के लिए।

अल्पसंख्यकों, महिलाओंज़  गरीबों और विकलांगों को आयोजन में भाग लेने के लिए प्रेरित करना।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नये संसद भवन का शिलान्यास किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 दिसंबर 2020 को संसद परिसर में संसद मार्ग में न्यू पार्लामेंट बिल्डिंग का शिलान्यास किया। इस अवसर पर टाटा ट्रस्ट के अध्यक्ष रतन टाटा, केंद्रीय मंत्री हरदिप सिंह पूरी, डेप्युटी आरएस  चेयरमैन हरिवंश नारायण सिंह और विभिन्न धार्मिक नेता उपस्थित थे।

नया संसद भवन केंद्र की आत्म निर्भर भारत दृष्टि का आंतरिक हिस्सा होगा। टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को परियोजना के लिए अनुबंध दिया गया है।

भूमि पूजन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि नए संसद भवन की नींव रखी गई है और हम भारत के लोग मिलकर संसद के इस नए भवन का  निर्माण करेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह 130 करोड़ से अधिक भारतीयों के लिए गर्व का दिन है और यह कह कर जारी रखा है कि नई संसद भवन नए और पुराने के सह अस्तित्व का एक उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि वह अपने जीवन में उस करण को कभी नहीं भूल सकते जब उन्हें 2014 में पहली बार सांसद के रूप में संसदभवन आने का अवसर मिला था। उन्होंने आगे इसे लोकतंत्र का मंदिर कहा।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यदि पुरानी संसद भवन में स्वतंत्रता के बाद भारत को दिशा दी तो नया भवन आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का साक्षी बनेगा। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की भारत की महत्वाकांक्षा को नई इमारत में साकार किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 सितंबर को दोपहर 1:00 बजे मैदान के भूमि पूजन में भाग लिया। लोकसभा अध्यक्ष ने 5 दिसंबर 2020 को व्यक्तिगत रुप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें आधिकारिक रूप से समारोह में आमंत्रित किया।

नई संसद भवन एक बड़ी लोकसभा और राज्यसभा होगी जिसमें निचले सदन ने 888 सीटें होंगी जब के ऊपरी सदन में 384 सीटे होंगी। वर्तमान में लोकसभा की ताकत 543 और राज्यसभा 245 है।

नई लोकसभा चंबल संसद के संयुक्त सत्र के दौरान 1224 सदस्यों को समायोजित करने में सक्षम होगी। नई संसद भवन मौजूदा की विपरीत केंद्रीय हॉल नहीं होगा।

नई संसद भूकंप प्रतिरोधी और सेक्सी आधुनिक डिजिटल तकनीक के अनुकूल होगी। 971 करोड रुपए की लागत से 64500 वर्ग मीटर क्षेत्र में आएगा।

नई इमारत में देश के विभिन्न हिस्सों से स्वदेशी वास्तुकला को शामिल किया जाएगा और सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन किया जाएगा।

लोकसभा अध्यक्ष के अनुसार लगभग 2000 लोग इसके निर्माण में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे जबकि अन्य 9000 अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे। देश के विभिन्न हिस्सों के 200 से अधिक कलाकारों को भी इमारत के लिए काम करने की उम्मीद है।

श्रम शक्ति भवन की साइट पर नई संसद भवन के बगल में एक और इमारत बनाई जाएगी जिसमें सभी सांसदों के लिए कमरे होंगे और एक अंडरपास के माध्यम से जोड़ा जाएगा।

टाटा समूह ने रुपए की बोली के साथ नए संसद भवन के निर्माण के लिए अनुबंध जीता था। 

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अनुसार मौजूदा संसद भवन को जिसकी पुरातत्विक संपत्ति के रूप में संरक्षित किया जाएगा।


9 दिसंबर : अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस

हर साल अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस 9 दिसंबर को चिन्हित किया जाता है। इस दिन को संयुक्त राष्ट्र और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा चिन्हित किया जाता है। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोध दिवस की थीम Recover with Integrity के तहत मनाया गया।

9 दिसंबर को नई दिल्ली में केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाया गया।

यह एकमात्र कानूनी रूप से सार्वभौमिक भ्रष्टाचार विरोधी उपकरण है। इसमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग, अपराधीकरण और कानून प्रवर्तन, निवारक उपाय, संपत्ति की वसूली, तकनीकी सहायता और सूचना विनिमय  जैसे पांच मुख्य क्षेत्र शामिल है। कन्वेंशन द्वारा कवर किए गए भ्रष्टाचार के विभिन्न रूप है, निजी क्षेत्र में भ्रष्टाचार के कई प्रकार के कार्य फ्लुएंस में  व्यापार और क्षेत्र के कई अन्य कार्य है।

 भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक, 2019

करप्शन परसेप्शन इंडेक्स में भारत की रैंकिंग 2018 में 78 से घटकर 80 हो गई है। करप्शन परसेप्शन इंडेक्स को ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा लॉन्च किया गया है। संगठन बर्लिन, जर्मनी में स्थित है। रैंकिंग के अनुसार भ्रष्टाचार में वृद्धि के मुख्य कारण निम्नलिखित है।

निर्णय लेने में अनुचित प्रभाव

अनुचित और अपारदर्शी राजनीतिक वित्तपोषण

शक्तिशाली कॉरपोरेट हित समूह द्वारा लॉबिंग

भारत में भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा निम्नलिखित सुझाव दिए गए थे

राजनीतिक वित्तपोषण को नियंत्रित करने के लिए।

नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए।

हितों के टकराव का प्रबंधन करने के लिए।

चुनावी अखंडता को मजबूत करना।

जांच और संतुलन को सुदढ़ करना।

इंडिया करप्शन सर्वे 2019 कहता है कि 2018 में भ्रष्टाचार का भुगतान करने वाले लोगों का प्रतिशत 58% था। 2019 में यह गिरकर 51% हो गया। हालांकि 2017 में यह 45% था।


चीन ने परमाणु ऊर्जा से चलने वाली कृत्रिम  सूर्य को सक्रिय किया

चिल्ली अपनी परमाणु संचालित आर्टिफिशियल सन  HL -2M टोकामक रिएक्टर को सफलतापूर्वक 4 दिसंबर 2020 को पहली बार सक्रिय किया।फ्यूजन रिऐक्टर  एक संक्षिप्त परीक्षण के लिए पेश किया गया।

परमाणु संलयन रिऐक्टर के सफल सक्रियण को एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि यह ऐसे समय में आता है जब दुनिया भर के देश परमाणु ऊर्जा के सुरक्षित स्वच्छ रूपों में बदलाव का प्रयास कर रहे हैं।

रिएक्टर से यह से की जाती है कि वह आने वाले वर्षों में चीन की ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को बढ़ावा देगा अगर इसे अधिक टिकाऊ बनाया जाए।

परमाणु ऊर्जा से संचालित कृत्रिम सूरत चीन की सामरिक ऊर्जा जरूरतों को हल करने में मदद नहीं करेगा, लेकिन चीन की ऊर्जा और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के भविष्य के सतत विकास के लिए भी इसका बहुत महत्व है।


 चीन के कृत्रिम सूर्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी

चीन का कृत्रिम सूर्य एक नाभिकीय संलयन रिएक्टर है जिसे HL-2M टोकामक रिऐक्टर कहा जाता है।प्रचंड गर्मी और शक्ति के कारण इसे कृत्रिम सूर्य कहा जाता है।

परमाणु संलयन रिएक्टर चीन का सबसे बड़ा और सबसे उन्नत परमाणु संलयन प्रायोगिक अनुसंधान उपकरण है।

वैज्ञानिकों का लक्ष्य डिवाइस का उपयोग करके एक शक्तिशाली स्वच्छ ऊर्जा स्रोत को अनलॉक करना है।

रिऐक्टर शक्तिशाली चुम्बकीय क्षेत्र को गर्म प्लाज़्मा  के एक निहित लूप पर लागू करके बिजली उत्पन्न करता है, जो 150  मिलीयन से अधिक तापमान तक  पहुँच सकता है , जो सूर्य के कोर  की तुलना ने लगभगब10 गुना अधिक गर्म है।

मैग्नेट और सुपरकूलिंग तकनीक रिएक्टर को समाहित रखेगी।

चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर परियोजना के साथ काम करके परमाणु रिएक्टर विकसित किया है,  जो दर्जनों परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र का गठबंधन है।

गठबंधन का मुख्य उद्देश्य एक ही अवधारणा के आधार पर परमाणु संलयन का एक विश्वसनीय रूप विकसित करना है।


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