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Latest Current Affairs 15th December, 2020

 

         Current Affairs 15th December, 2020

भारत सरकार ने पीएम स्वनिधि के लाभार्थियों के सामाजिक आर्थिक रूपरेखा के लिए एक कार्यक्रम शरू किया 
11 दिसंबर 2020 को केंद्र सरकार ने पीएम स्ट्रीट वेंडर के आत्मनिर्भर निधि, पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों के सामाजिक आर्थिक रूपरेखा के लिए एक कार्यक्रम शुरू किया, जो समय के विक्रेताओं के लिए एक विशेष माइक्रो क्रेडिट सुविधा है, जो उन्हें अन्य सरकार के लाभों के साथ समर्थन करने के लिए उनकी पात्रता के आधार पर योजनाएं बनाई गई है।
दुर्गा शंकर मिश्रा, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया को कार्यक्रम के लिए भागीदार के रूप में नियुक्त किया गया।
कार्यक्रम में बारे में जानकारी
कार्यक्रम में पीएम स्वनिधि और उनके परिवार के सदस्यों के लाभार्थियों की पूरी रूपरेखा तैयार की जाएगी।
प्रोफाइल के आधार पर, अन्य केंद्रीय योजनाओं का लाभ पात्रता के अनुसार लाभार्थियों को दिया जाएगा।
यह कार्यक्रम संडे को विक्रेताओं और उनके परिवार के पूर्ण सामाजिक आर्थिक विकास का समर्थन करेगा।
राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के पास पीएम स्वनिधि के लाभार्थियों के लिए अपने संबंधित कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार करने का एक विकल्प है।
पूर्ण रोलआउट से पहले , केंद्र सरकार 6 सालों में परीक्षण चलाएगा जिसमे  गया, इंदौर, काकिंग, निजामाबाद, राजकोट और वाराणसी शामिल है।
कार्यक्रम के पहले चरण के कार्य होने के लिए 125 शहरों को कार्यक्रम के लिए चुना गया है।
MoHUA द्वारा जून 2020 में पीएम स्ट्रीट वेंडर की आत्मनिर्भर निधि, पीएम स्वनिधि को 50 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडरों को सस्ती कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करने के लिए लोंच किया गया था,  जिनका जीवन कोविड-19 लोक डाउन के कारण प्रभावित हुआ था। योजना मार्च 2022 तक वैध है।
यह योजना एक लाख तक का रूम प्रदान करेगी जिसका व्यवसाय 24 मार्च 2020 को या उससे पहले चल रहा था।
इस योजना की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मई 2020 में की थी।
मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग और अर्बन अफेर्स के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी
स्थापना - 1952
अधिकार क्षेत्र - भारत
मुख्यमथक - निर्माणभवन, नई दिल्ही
जिम्मेदार मंत्री - हरदीपसिंह पूरी, राज्यमंत्री 
मंत्रालय के कार्यकारी - दुर्गाशंकर मिश्रा, आईएएस, सचिव

रेड चैनल समझौता
इमरजेंसी मेडिकल टीम इनीशिएटिव को लागू करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) और इंटरनेशनल ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रीसेंट सोसायटीज़(IFRC)  के बीच रेड चैनल समझौते पर एमओयू किए गए थे।
इमरजेंसी मेडिकल किंग की पहल है कि मानवीय संकट के दौरान स्वास्थ्य व आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के वितरण को मजबूत करेगी। यह संगठनों को आपातकालीन स्वास्थ्य प्रतिक्रिया को माल विकृत करने और क्षमता निर्माण के प्रयासों को बढ़ाने में सक्षम करेगा।
यह समझौता विश्व स्वास्थ्य संगठन को रेड क्रीसेंट सोसायटी और नेशनल रेड क्रॉस सोसाइटी को बढ़ी हुई सहायता प्रदान करने की अनुमति देंगे।
यह समझौता दोनों अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के बीच विशेष रूप से मानकों, समन्वय और जवाबदेही में अधिक तालमेल लाएगा।
 इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट सोसायटीज़(IFRC)
IFRC एक मानवीय सहायता संगठन है जो अपनों के पीड़ितों की सहायता करने वाले राहत कार्य को अंजाम देता है। यह अपनी सदस्यों की क्षमताओं को मजबूत करने का काम करता है। लगभग 192 देश इस संगठन के सदस्य हैं। IFRC का मुख्यमथक जिनीवा, स्विट्जरलैंड में  स्थित है।
पल-पल विश्वयुद्ध के बाद हम मौजूदा रेड क्रॉस सोसाइटी को मजबूत करने और एकजुट करने के लिए सब सबद्ध शक्तियों के राष्ट्रीय रेड क्रॉस सोसायटी के प्रतिनिधि आए थे। 
IFRC में निर्णय अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के आधार पर लिए जाते हैं।
इसे सशस्त्र संघर्ष का कानून की कहा जाता है, यह युद्ध के संचालन को नियंत्रित करता है। यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का एक समूह है जो सशस्त्र संघर्ष के दौरान क्या हो सकता है और क्या नहीं किया जा सकता है कि नियमों को स्थापित करता है। यह नियम 1949 के जिनेवा सम्मेलनों में पाए गए। जिनी बस सम्मेलनों में नागरिकों, सैनिकों और युद्ध के कैदियों के उपचार की संधिया है।
नियमों में कैदियों का मानवीय उपचार, बलों का सीमित उपयोगज़ नागरिक संपत्तियों की सुरक्षा, रेड क्रॉस के लिए सम्मान, लाल क्रिस्टल और लाल अर्ध चंद्र प्रतीक शामिल है। सम्मेलनों का लक्ष्य घायलों की देखभाल करना है चाहे वह दुश्मन हो या मित्र बीमार है। यह कानून सभी हस्ताक्षरकर्ता राष्ट्रों पर लागू होता है।

17 दिसंबर को संचार उपग्रह CMS- 01  लॉन्च करेगा इसरो
इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन(ISRO) 17 दिसंबर 2020 को ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान(PSLV- C50) पर संचार उपग्रह CMS-01 का प्रक्षेपण करेगा।
यह भारत का 42 वा संचार उपग्रह होगा।
यह मिशन PSLV का 52 वा मिशन और एक्सेल कॉन्फ़िगरेशन में पीएसएलवी की 22 वी उड़ान होगी। लॉन्च वाहनआंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र पर दूसरे लोंच पैड से उड़ान भरेगा।
प्रक्षेपण 17 दिसंबर को रात को 3:41 को अस्थाई रूप से निर्धारित किया गया है। हालांकि समय अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार मौजूदा मौसम की स्थिति पर आधारित होगा।
CMS -01,  भारत के 42 वे संचार उपग्रहों आवृत्ति स्पेक्ट्रम के विस्तारित सी बैड में सेवाएं प्रदान करने की परिकल्पना की गई है।
विस्तारित सी बेंड कवरेज में भारतीय मुख्य भूमि, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्ष्यदीप समूह शामिल होंगे।
यह सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र श्रीहरिकोटा से 77 बार लोंच वाहन मिशन होगा।
 ISRO के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी
संक्षिप्त नाम - ईसरो
स्थापना - 15 अगस्त, 1969
प्रकार - अंतरिक्ष एजेन्सी
मुख्यमथक - बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत
अध्यक्ष - कैलासवादितु सिवान
प्राथमिक स्थान - सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा

भारत सरकार ने भारत के बुनियादी ढांचे मक बढ़ावा देने के लिए व्यवहार्यता गैप फंडिंग(VGF) योजना शुरू की
11 दिसंबर 2020 को वित्त मंत्रालय ने चयनित इन्फ्राट्रक्चर परियोजनाओं में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए व्यवहार्यता गैप फंडिंग योजना को अधिसूचित किया। निजी कंपनियों का चयन पारदर्शी खुली और प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
 व्यवहार्यता गैप फंडिंग योजना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी
इस योजना का उद्देश्य वित्तीय सहायता के माध्यम से भारत में सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सहायता करता है।
आर्थिक मामलों के सचिव की अध्यक्षता वाली अधिकार प्राप्त समिति द्वारा स्वीकृत 200 को रुपए तक यह फंड की मंजूरी दी जाती है।
वित्त मंत्री के साथ अधिकार प्राप्त समिति द्वारा अनुमोदित 200 करोड़ रुपये से अधिक की फंड की मंजूरी दी जाती है।
अधिकार प्राप्त समिति के सदस्य, आईएनटीआई के सीईओ, व्यय सचिव और आर्थिक मामलों के विभाग के संयुक्त सचिव इसमें शामिल होते हैं।
जलापूर्ति ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसे सामाजिक क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए वीजीएफ राशि कुल परियोजना का खर्च 30% तक होगा।
अन्य पात्र परियोजनाओं के लिए कुल परियोजना का खर्च 20% तक वीजीएफ होगा।
 भारतीय वित्त मंत्रालय के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी
स्थापना - 29 अक्टूबर, 1946
अधिकार क्षेत्र - भारत के प्रधानमंत्री
मुख्यमथक - कैबिनेट सचिवालय,  रायसीना हिल, नई दिल्ही
जिम्मेदार मंत्री - निर्मला सीतारमण,  कैबिनेट मंत्री
उप जिम्मेदार मंत्री - अनुराग ठाकुर, वित्त राज्य मंत्री
एजेंसी के अधिकारी - अजय भूषण पांडे आईएएस, वित्त सचिव और  राजस्व सचिव

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