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Latest Current Affairs 16th December, 2020

 

Current Affairs 16th December, 2020

 ड्रग कंट्रोल ऑपरेशन पर भारत और म्यानमार की द्विपक्षीय बैठक

ड्रग कंट्रोल ऑपरेशन पर पांचवी भारत म्यांमार द्विपक्षीय बैठक हाल ही में आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ऑफ इंडिया और मेन मार्केट ड्रग एब्यूज कंट्रोल पर केंद्रीय समिति ने नए मनोवैज्ञानिक पदार्थो, ड्रग बरामदगी पर जांच का संचालन करने के लिए समय पर सूचना का आदान प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की। साथ ही वे ट्रक पर प्रवर्तन पर सहयोग को बेहतर बनाने के लिए सीमावर्ती अधिकारियों के बीच निर्मित चित्र स्तरीय अधिकारी बैठक आयोजित करने पर सहमत हुए।

हाल ही में जारी स्मगलिंग इन इंडिया की रिपोर्ट 2020 के अनुसार मिजोरम, म्यानमार से मादक पदार्थों की तस्करी के प्रमुख मार्गो में से एक के रूप में उभरा है। म्यानमार से उत्तर-पूर्व में सिंथेटिक ड्रग्स और याबा  टेबलेट की तस्करी की जा रही है। यह मुख्य रूप से स्वर्ण त्रिभुज क्षेत्र के कारण होता है जहां थाईलैंड, म्यांमार और लाओस की सीमा ने मिथक के उत्पादन को हेरोइन की तुलना में अधिक आकर्षण व्यापार में बदल दिया है। मैथ को थाईलैंड में याबा और बांग्लादेश में बाबा कहा जाता है।

भारत और म्यांमार एक त्रिपक्षीय राजमार्ग और कालाधन मल्टीमॉडल ट्रांजिस्टर ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट का निर्माण कर रहे है। मल्टी मॉडल प्रोजेक्ट कोलकाता को सिटवे से जोड़ेगा, और यह भी परियोजना म्यानमार की कलादान नदी को भारत के उत्तर पूर्व से जोड़ेगी। भारत, म्यानमार में शरण ले रहे उत्तर पूर्वी क्षेत्र के उग्रवादी समूहों से चिंतित है। वे नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड और यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट है। मई 2020 में म्यानमार ने भारतीय विद्रोही समूह के 22 कैडरों को सौंप दिया।

भारत और म्यांमार ने हाल ही में उर्जा, संचार, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे जैसे विभिन्न क्षेत्रों में 10 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों के बीच मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार 1.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। भारत म्यानमार का पांचवा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है।

म्यानमार भारत की सीमा पर एकमात्र आसियान देश है। भारत के अनुसार म्यानमार दक्षिण पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार है। भारत में अपनी एक्ट ईस्ट पॉलिसी और नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी के तहत म्यानमार के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है।

 म्यानमार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी 

राजधानी - नायपीडो

सबसे बड़ा शहर - रंगून 

आधिकारिक भाषा - बर्मी

सरकार - एकात्मक विधानसभा स्वतंत्र संवैधानिक गणराज्य

राष्ट्रपति - विन मांइन्ट

स्टेट काउंसिलर - ओंग सैन सू की

प्रथम उपराष्ट्रपति - मांइन्ट स्वे

मुद्रा - कायत


दिव्यांग सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय केंद्र

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल द्वारा राष्ट्रीय दिव्यांग सशक्तिकरण केंद्र की स्थापना की गई थी, हां जी ड्यूटी के दौरान होने वाली विकलांगता से पीड़ित बल के दिव्यांग योद्धाओं को पुनः कौशल और पुनर्वासित करता था। केंद्र सीआरपीएफ समूह केंद्र रंगारेड्डी तेलंगाना में स्थित है। यह दिव्यांगों की जरूरतों के अनुसार विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस है।

दिव्यांग सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय केंद्र अपनी तरह का पहला है। दिव्यांगों को सशक्त बनाने के लिए दिव्यंग योद्धाओं को कई बाजार संचालित विशेषज्ञता जैसे खेल कौशल और कंप्यूटर कौशल प्रदान किए जाएंगे। उनकी अक्षमताओ के बावजूद पहल उन्हें देश की सेवा करने में सक्षम बनाएगी। यह इन कर्मियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पैरा खेल आयोजनों के लिए सक्षम बनाता है। यह उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण और सूचना प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रम के साथ भी बचाता है ताकि उन्हें संगठन में योगदान करने और अपने गौरव और सम्मान की रक्षा करने में सक्षम बनाया जा सके।

2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 2.68 करोड लोग अक्षम है। इसमें 69% विकलांग आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है।

भारत ने विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम 2016 को देश में विकलांग आबादी के जीवन में सुधार करने के लिए अधिकार दिया। इस अधिनियम ने सरकारी नौकरियों में विकलांग लोगों को आरक्षण की मात्रा को 3% से बढ़ाकर 4% कर दिया। 6 और 18 वर्ष की आयु के बच्चे को मुफ्त शिक्षा का अधिकार होगा। इस अधिनियम ने विकलांग व्यक्तियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए अलग राष्ट्रीय और राज्य कोष की स्थापना की।

विकलांग व्यक्तियों को सेवाएं प्रदान करने के लिए दीनदयाल विकलांग पुनर्वास योजना शुरू की गई। शिवम में व्यवसायिक प्रशिक्षण केंद्र, विशेष विद्यालय, समुदाय आधारित पुनर्वास केंद्र आदि शामिल है।

विकलांग छात्रों के लिए राष्ट्रीय फेलोशिप इस योजना के तहत विकलांग छात्रों को अनुदान प्रदान किया जाता है।

विकलांग लोगों को स्वतंत्र रूप से रहने के लिए सक्षम करने के लिए सार्वभौमिक प्रमुख प्राप्त करने के लिए सुलभ भारत अभियान शुरू किया गया था। अभियान परिवहन प्रणाली को बुझाने का लक्ष्य रखता है ऐसे वातावरण का निर्माण करता है जो विकलांग आबादी के लिए संभव हो।


आंतरराष्ट्रीय जलवायु महत्वाकांक्षा शिखर सम्मलेन

12 दिसंबर, 2020 पेरिस जलवायु समझौते ने अपनी पांचवी वर्षगांठ पूरी की। पेरिस समझौते का उद्देश्य 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे ग्लोबल वार्मिंग तापमान में वृद्धि को सीमित करना है एक लक्ष्य दुनिया को प्राप्त करना बाकी है। इस अवसर को मनाने के लिए यूनाइटेड किंग्डम ने ग्लोबल क्लाइमेंट समिट का आयोजन किया था। इसी अंतरराष्ट्रीय जलवायु महत्वाकांक्षा शिखर सम्मेलन भी कहा जाता है। चीनी और इटली की साझेदारी में संयुक्त राष्ट्र, यूनाइटेड किंग्डम और फ्रांस द्वारा अंतरराष्ट्रीय जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन का आयोजन और सहआयोजन किया गया था। शिखर देशो का लक्ष्य देशो, शहरों, व्यापार को शुद्ध शुन्य कार्बन उत्सर्जन और जलवायु वित्त को बढ़ाने पर केंद्रित है। शिखर सम्मेलन  2021 में ग्लासगो में आयोजित होने वाली 26 वी सीओपी के लिए एक पूर्ववर्ती है। सदस्य देशों ने शून्य उत्सर्जन और अनुकूलन योजनाओं और नीतियों के प्राप्त करने के लिए एनडीसी दीर्घकालिक रणनीति ओ का विस्तृत विचार-विमर्श प्रस्तुत किया।

पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अनुसार अमेरिका में सभी उत्सर्जन का 25% है, यूरोप में 22% उत्सर्जन है, चीन में 13% है और भारत के पास दुनिया के उत्सर्जन का केवल 3% हैं।

शिखर सम्मेलन में यूनाइटेड किंग्डम, भारत,बकनाडा, जापान, चीन,दक्षिण कोरिया और यूरोपीय संघ शामिल थे। ऑस्ट्रेलिया जीवाश्म ईंधन के समर्थक को शिखर से बाहर रखा गया है। अन्य उल्लेखनीय अनुपस्थिति ब्राजील, मेक्सिको, सऊदी अरब, पोलैंड और तुर्की थे। संयुक्त राज्य अमेरिका शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हुआ क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप पेरिस समझौते से बाहर चले गए।

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने हाल ही में उत्सर्जन गैप रिपोर्ट 2020 जारी किया। इस रिपोर्ट में अंतर की समीक्षा के लिए कहा गया है कि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन 2030 में होने की भविष्यवाणी की जाती है और जहां उन्हें विनाशकारी जलवायु परिवर्तन की घटनाओं को रोकने के लिए होना चाहिए।

इस सदी के अंत तक दुनिया का तापमान 3 डिग्री सेल्सियस बढ़ जाएगा। कोविड-19 संकट ने उत्सर्जन के स्तर को कम कर दिया है। हालांकि यह केवल बहुत कम समय के लिए और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई का स्थाई समाधान नहीं है। 2010 के बाद से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 1.4% की वृद्धि हुई है। हालांकि 2019 में जंगल की आग में वृद्धि के कारण 2.6% की वृद्धि हुई।

रिपोर्ट ग्रीन महामारी रिकवरी का सुझाव देती है। यह शुद्ध शुन्य उत्सर्जन प्रतिबद्धताओं को बढ़ाकर हासिल किया जाना है। साथ ही ऊर्जा क्षेत्र को पूरी तरह से विघटित किया जाना चाहिए। अक्षय ऊर्जा पर आधारित अधिक ऊर्जा समाधान को अपनाया जाना चाहिए। कोयला आधारित बिजली संयंत्रों को पूरी तरह से चरणबद्ध किया जाना चाहिए।


शर्मन एंटी ट्रस्ट एक्ट

हाल ही ने , UC, FTC सरमन एंटीट्रस्ट एक्ट के तहत फेसबुक के खिलाफ एक एंटी ट्रस्ट मुकदमा दायर किया। सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के अधिग्रहण के लिए सवालों के घेरे में है।

मुकदमे के अनुसार फेसबुक की कार्रवाई उपभोक्ताओं को प्रतिस्पर्धा के लाभ से वंचित करती है। इसका उद्देश्य फेसबुक के प्रतिस्पर्धा विरोधी आचरण को वापस लाना है और प्रतियोगिता को बहाल करना है ताकि नवाचार कामयाब हो सके।

शर्मन अधिनियम अच्छा तो 90 में पारित यूएसए का एक एंटीट्रस्ट अधिनियम है। यह अनुबंधों साजिशों और व्यापार को प्रतिबंधित करने वाले अन्य व्यवसाय प्रथाओं के उपयोग के माध्यम से उद्योगों में एकाधिकार के निर्माण को रोकने के लिए एक कदम था। इसका मुख्य उद्देश्य अमेरिकी अर्थव्यवस्था में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना था। शर्मन एक्ट की धारा 2 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जरा दो कंपनियों का एकाधिकार बनाए रखने के लिए प्रतिस्पर्धी विरोधी साधनों का उपयोग करने से रोकती है।

2012 में फेसबुक ने एक बिलियन यूएस डोलर  और व्हाट्सएप में 19 बिलियन यूएस डोलर का अधिग्रहण किया। मुकदमे के अनुसार फेसबुक ने थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर डेवलपर की पहुंच को अपने प्लेटफार्म पर मूल्यवान अंतर संबंधों तक पहुंच सीमित कर दिया।

एफटीसी का आरोप काफी हद तक सही है। फेसबुक ने ट्विटर वीडियो एप वाइन के  लिए एपीआई एक्सेस को बंद कर दिया है। इंस्टाग्राम तक ऐसे समय में आया जब उपयोगकर्ता अयस्क टॉप कंप्यूटर से स्मार्ट फोन पर स्विच कर रहे थे। इंस्टाग्राम के फोटो शेयरिंग फिचर को गले लगा रहे थे। यह फेसबुक द्वारा अपनी एकाधिकार शक्ति के लिए खतरे के रूप में पहचाना गया था। खतरे को खत्म करने के लिए फेसबुक में एप्लीकेशन खरीदने का विकल्प चुना।

फेसबुक ने भी स्नैपचैट को करने का असफल प्रयास किया जब नेट पैक अपने संभावित प्रतियोगी के रूप में बढ़ रहा था। बाद में फेसबुक ने अपनी सबसे लोकप्रिय फिचर की नकल की और इंस्टाग्राम स्टोरी फिचर बनाया। इंस्टाग्राम के बिलियन उपयोगकर्ताहै और स्नैपचैट के केवल 250 मिलियन उपयोगकर्ता है। व्हाट्सएप के साथ भी फेसबुक ने ऐसा ही किया। व्हाट्सएप मोबाइल मैसेजिंग स्पेस पर हावी है वर्तमान में इसके 2 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ता है।

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